ललितपुर। मंगलवार को मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिला चिकित्सालय में बनाए गए आईसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। लेकिन, उन्हें निरीक्षण में व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिलीं। इस पर उन्होंने नाराजी व्यक्त की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह ने बताया कि आईसोलेशन वार्ड में नोडल चिकित्सक के रूप में डा. पवन सूद को तैनात किया गया है। वार्ड में 150 एन-95 मॉस्क एंव 150-200 पीपी किट उपलब्ध हैं। निरीक्षण के दौरान आईसोलेशन वार्ड के शौचालयों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। हैंडवॉश भी नहीं मिले। वार्ड में लगी खिड़कियों में धूल जमी हुई थी। महिला वार्ड के पलंग की चादरों पर धूल जमी थी। पुरुष वार्ड में ऑक्सीजन मास्क गंदे मिले। कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों के रखरखाव के लिए मौके पर मानक के अनुरूप कोई व्यवस्था नहीं पायी गई। वार्ड के प्रतीक्षालय में निष्प्रयोज्य लोहे का गर्डर अव्यवस्थित रुप से रखा था। पुरुष एवं महिला प्रसाधन कक्ष में वॉशवेशन में निकासी पाइप नहीं लगे थे।
निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि आईसोलेशन वार्ड की खिड़कियों को अच्छी तरह से साफ कराएं, कूड़ेदान व्यवस्थित रखवाएं, महिला एवं पुरुष वार्ड में रखे पलंग के अगल-बगल पर्दे लगवाएं, वार्ड में एन-95 मॉस्क एवं पीपी किट की उलब्धता भी पर्याप्त मात्रा में रखें। आईसोलेशन वार्ड में नोडल चिकित्सक डा. पवन सूद प्रत्येक समय उपस्थित रहें। सभी चिकित्सक आईसोलेशन वार्ड में अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण रुप से गंभीर रहें। निरीक्षण के दौरान संयुक्त विकास आयुक्त चंद्रशेखर शुक्ला, जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल, उप जिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वासबानी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।